Wednesday, 22 July 2015

शिवसेना प्रांतवाद के नाम पर हिन्दुओं को ही क्यूँ लडवाती है ?

हिन्दू नेताओं की भी बहुत बातें समझ नहीं आती .. अगर इन पर कुछ बोलता हूँ तो लोगों को बुरा लगता है .. लेकिन कुछ बातें हैं जो मुझे उलझा देती है .. बाला साहेब ठाकरे जी हिंदुत्व के लिए जान दिए रहते थे .. लेकिन फिर वो और उनके शिवसैनिक पूरी जिंदगी .. बिहारी (हिन्दू ) और मद्रासी, तमिल (हिन्दू ) वालों को भगाने में क्यूँ लगे रहे ? जबकि कभी मुसलमानों को भगाने के लिए ऐसा ही प्रयास क्यूँ नहीं किया .. ? यहाँ तक कि ऐसा बयान भी नहीं दिया ..

अब महाराष्ट्र वाले हिन्दू को ......बिहार के हिन्दू अच्छे नहीं लगते ... बिहार वाले को यहाँ के नहीं .. और पंजाब वाले को सिर्फ पंजाबी अच्छे लगते हैं .. और ऐसे ही प्रदेश के लोगों का एक अलग धर्म और जाति ही बन गया है जो हिन्दू नहीं है./... खुद को हिन्दू मानता है पर इसी देश के दुसरे हिन्दू से नफरत करता है और मारता पीटता है ...

और जिसको भगाना चाहिए उसको कुछ कहता ही नहीं .. याने मुस्लिम को.... तो शिवसेना का ये बरसों पुराना चला आ रहा .. हिन्दू से हिन्दू को लड़वाने की नीति वास्तव में मुस्लिम के लिए काम आसान करता है या नहीं ? क्या आज तक शिवसेना समझ ही नहीं पायी है कि उसके और देश के असली शत्रु कौन है ?

इस्लाम के पवित्र शब्द लिख कर किया गया सारे बुरे कर्म भी जायज

बजरंग दल और विहिप के द्वारा जम्मू कश्मीर में आई एस आई एस का झंडा जला दिया गया .. वही ISIS जिसने अब तक लाखों लोगों को कसाइयों की तरह मारा है .. जिसने महिलाओं की इज्जत लुटी है .. जो भारत के ऊपर भी आक्रमण कर इस्लामिक देश में बदल देने की बात कही है .. और जिसके झंडे अब भारत में इसके लोग लहराने लगे हैं ... 

लेकिन अब भारत के मुस्लिम अपने प्रिय ISIS के झंडे के जल जाने के बाद कैसे चुप रहते ... अरे भाई .....आखिर यही तो है असली इस्लाम .. .जिहाद बलात्कार हत्या...

इस झंडे को जलाए जाने के बाद कश्मीर में तोड़ फोड़ और दंगे ही शुरू हो गए... जो कहते हैं .. ISIS का इस्लाम से कोई वास्ता नहीं वो लोग इसी संगठन के लिए अपने अन्दर के मोहब्बत को छुपा नहीं सके .. और विहिप और बजरंग दल के द्वारा किये गए इस कारर्वाई के बाद सड़क पर उतर आये ... इनका कहना था कि झंडे पर जो अरबी में लिखा था वो इस्लाम का बहुत पवित्र शब्द लिखा था तो उसे जलाया क्यूँ गया ?

भई मैंने तो इससे बड़ा दोमुंहापन आज तक नहीं देखा .. इसका मतलब तो ये हुआ की फिर ISIS जो लाखों लोगों का क़त्ल इस झंडे को दिखा कर करती है फिर वो भी पवित्र काम हो गया .. ? आज तक तो इन्होने कभी विरोध नहीं किया कि इस शब्द को लिख कर ये लोग इतना गन्दा काम क्यूँ करते हैं ?

सॉरी.. मैं भूल गया था.. ये सब काम इस्लाम में गन्दा नहीं बल्कि पवित्र जिहाद है ...

चलो भाई आज ये सीख लो कि अगर कोई इस कौम के पवित्र शब्द को अपने शर्ट पर पैंट पर या झंडे में लगा कर कितना भी गन्दा काम करे.. हत्या करे या बलात्कार करे या कुछ भी तो वो सब काम पवित्र माना जाएगा...

मुसलमानों का हिन्दू लड़कियों से छेड़खानी और बलात्कार जायज.. इस्लाम कहता है

हालात बहुत ख़राब है .. .. हिन्दू बहन बेटियों का राह चलना मुश्किल कर दिया है मुसलमानों ने.... इनको मदरसों में ये पढ़ा कर सिखा कर ही बड़ा किया जाता है की हमारे पूर्वजों की रखैल थी ये हिन्दू औरतें ..हमारे सुल्तानों और नवाबों के हरम की दासी थी ये.. ऐसी ऐसी बातें पढ़ कर सुन कर इनकी मानसिकता हिन्दू लड़कियों के लिए ऐसी ही बन जाती है ..

इसी का नतीजा जमशेदपुर में देखने को मिला .. सोमवार की रात एक बाइक पर सवार तीन युवक मानगो गांधी मैदान से तेज रफ्तार से हाथ में पिस्तौल व चाकू लेकर दाइगुïट्टू की ओर जाने लगे। रास्ते में चल रही युवतियों के साथ इन मुस्लिम युवकों ने सरेआम छेड़खानी शुरू कर दी.. भरे बाजार लड़कियों की इज्जत तार तार की जाने लगी .. अफरातफरी मच गयी ..

आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर दाईगुट्टू चौक पर इलाके के युवकों ने रात करीब 9.45 बजे सड़क जाम कर दिया लेकिन मुस्लिम पक्ष के युवक विरोध करते हुए जाम हटाने को कहने लगे। इसी बात पर मारपीट शुरू हो गई। बाद में विहिप ने हिन्दुओं का साथ दिया और तब मामले ने बड़ा रूप ले लिया .. दुःख की बात ये भी है कि वहाँ भाजपा की ही सरकार है ...

हमेशा जिहादियों के निशाने पर औरतें ही रही हैं .क्योंकि औरतें अल्लाह की नजर में भोग की वस्तु हैं .और बलात्कार जिहाद का प्रमुख हथियार है ..हाँ इस्लाम की पवित्र किताब ने इन मुसलमानों को क्या आदेश दिया है वो जरुर पढ़िए.. जिस पर ये अमल करते हैं ..

“रसूल ने कहा कि अगर मुसलमान किसी गैर मुस्लिम औरत के साथ बलात्कार करते हैं ,तो इसमे उनका कोई गुनाह नहीं है .यह तो अल्लाह ने उनको अधिकार दिया है ,औ बलात्कार के समय औरत को मार मी सकते हैं”
बुखारी -जिल्द 7 किताब 62 हदीस 132

बुखारी -जिल्द 1 किताब 52 हदीस 220 2 -जिहाद में बलात्कार जरूरी है

फिटकरी के स्वास्थ्यवर्धक प्रयोग

फिटकरी एक ऐसा क्रिस्‍टल है जो सभी घरों में प्रयोग होता है। पुरुष इसे आफ्टरशेव के तौर पर इस्‍तमाल करते हैं। फिटकरी को पहले जमाने में महिलाएं चेहरे को टाइट बनाने के लिये प्रयो‍ग किया करती थीं। यह लाल व सफेद दौ प्रकार की होती हैं।
1. फिटकरी को चोट या घाव लगने पर इस्‍तमाल करें। फिटकरी का पानी लगाने से घाव से खून बहना बंद हो जाएगा। आपके इसका चूर्ण बना कर भी प्रयोग कर सकते हैं।

2. चेहरे से झुर्रियों को मिटाने के लिये चेहरे को धो लें। फिर फिटकरी को ठंडे पानी से गीला कर के चेहरे के आस पास हल्‍के रगडें। अब इसे सूख जाने दें और फिर इसे हाथों से छुड़ा कर साफ कर लें। कुछ महीनों के प्रयोग के बाद आपका चेहरा चमकदार और यंग बन जाएगा।

3. दमा और खांसी है तो, आधा ग्राम फिटकरी को पीस कर शहद के साथ मिक्‍स कर के चाट लें, आपको तुरंत लाभ होगा। or फुलाई हुई फिटकरी एक तोला और मिश्री दो तोला दोनों को महीन पीसकर रख लें। एक-एक माशा नित्य सवेरे खाने से दमा के रोग में लाभ होता है।

4. एंटीबैक्‍टीरियल और एस्‍ट्रिजेंट तत्‍व होने की वजह से यह दंत रोग को दूर कर सकती है। यह माउथवॉश की तरह भी प्रयोग की जा सकती है।* फिटकरी और काली मिर्च पीसकर दांतों की जड़ों में मलने से दांतों की पीड़ा में लाभ होते है।

5. फिटकरी को नहाने के पानी में घोल कर प्रयोग करने से खुजली और शरीर से बदबू आना बंद होती है।

6. कीडे़-मकौडे़ के काट लेने पर फिटकरी के टुकड़े को उस जगह पर रगडे़। इससे सूजन, घाव और लालिमा दूर होगी।

7. फिटकरी को चेहरे पर लगाने से चेहरा गोरा बनता है और त्‍वचा टोन हो जाती है।

8. एक लीटर पानी में 10 ग्राम फिटकरी का चूर्ण घोल लें। इस घोल से प्रतिदिन सिर धोने से जुएं मर जाती हैं।

9. टांसिल की समस्या होने पर गर्म पानी में चुटकी भर फिटकरी और नमक डालकर गरारे करें। इससे टांसिल की समस्या में जल्दी ही आराम मिल जाता है।

10. * कान में फुंसी हो अथवा मवाद आता हो तो एक प्याले में थोड़ी-सी फिटकरी पीसकर पानी डालकर घोलें और पिचकारी द्वारा कान धोएं।

अघोरी याने सहज और वादे के पक्के

अघोर पंथ की उत्पत्ति के काल के बारे में अभी निश्चित प्रमाण नहीं मिले हैं, परन्तु इन्हें कपालिक संप्रदाय के समकक्ष मानते हैं। अघोरियों को इस पृथ्वी पर भगवान शिव का जीवित रूप भी माना जाता है। शिवजी के पांच रूपों में से एक रूप अघोर रूप है। अघोरी उसे कहते हैं जो घोर नहीं हो। यानी बहुत सरल और सहज हो। जिसके मन में कोई भेदभाव नहीं हो। अघोरी हर चीज में समान भाव रखते हैं।

बहुत कम लोग जानते हैं कि अघोरियों की साधना में इतना बल होता है कि वो मुर्दे से भी बात कर सकते हैं। ये बातें पढऩे-सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन इन्हें पूरी तरह नकारा भी नहीं जा सकता। उनकी साधना को कोई चुनौती नहीं दी जा सकती।

अघोरियों के बारे में कई बातें प्रसिद्ध हैं जैसे कि वे बहुत ही हठी होते हैं, अगर किसी बात पर अड़ जाएं तो उसे पूरा किए बगैर नहीं छोड़ते। गुस्सा हो जाएं तो किसी भी हद तक जा सकते हैं। अधिकतर अघोरियों की आंखें लाल होती हैं, जैसे वो बहुत गुस्सा हो, लेकिन उनका मन उतना ही शांत भी होता है।

अघोरी अक्सर श्मशानों में ही अपनी कुटिया बनाते हैं। जहां एक छोटी सी धूनी जलती रहती है। जानवरों में वो सिर्फ कुत्ते पालना पसंद करते हैं। उनके साथ उनके शिष्य रहते हैं, जो उनकी सेवा करते हैं। अघोरी अपनी बात के बहुत पक्के होते हैं, वे अगर किसी से कोई बात कह दें तो उसे पूरा करते हैं।

अघोरी अमूमन आम दुनिया से कटे हुए होते हैं। वे अपने आप में मस्त रहने वाले, अधिकांश समय दिन में सोने और रात को श्मशान में साधना करने वाले होते हैं। वे आम लोगों से कोई संपर्क नहीं रखते। ना ही ज्यादा बातें करते हैं। वे अधिकांश समय अपना सिद्ध मंत्र ही जाप करते रहते हैं।


आज भी ऐसे अघोरी और तंत्र साधक हैं जो पराशक्तियों को अपने वश में कर सकते हैं। ये साधनाएं श्मशान में होती हैं और दुनिया में सिर्फ चार श्मशान घाट ही ऐसे हैं जहां तंत्र क्रियाओं का परिणाम बहुत जल्दी मिलता है। ये हैं तारापीठ का श्मशान (पश्चिम बंगाल), कामाख्या पीठ (असम) काश्मशान, त्र्र्यम्बकेश्वर (नासिक) और उज्जैन (मध्य प्रदेश) का श्मशान।

जिहाद करने वाला निरपराधी और उसको बताने वाले हिन्दू अपराधी

हम सब अगर फेसबुक पर इस्लाम की सच्चाई बताएं तो वो भावना भड़काने वाली है .. किसी जगह इसलिए दंगा हो गया और पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया किसी फेसबुकिया को क्योंकि उसने माहौल को बिगाड़ा था .. ऐसा माना गया...

लेकिन जो मुस्लमान खुलेआम आतंकी संगठन का झंडा लहराये वो गिरफ्तार नहीं होता ..
जो फेसबुक पर तो दूर की बात है जो खुलेआम ओवैसी जैसे लोग हर तरह की गालियां बकते है और देश में आग लगती है ..जिसका पुरे सबूत के साथ वीडियो मौजूद है ...वो गिरफ्तार नहीं होता ...
जो मुस्लिम लड़के खुलेआम हर शहर में पढ़ने जाती बहन बेटियो से छेड़छाड़ करे वो गिरफ्तार नहीं होता..
जो मंदिर में आरती भजन गाती माँओं पर पत्थर बरसाए वो गिरफ्तार नहीं होता ...
जो अमरनाथ यात्रा पर हिन्दू भक्तो पर पत्थर बरसाए उसे पाकिस्तान का बता के गिरफ्तार नहीं किया जाता जबकि वो लोकल मुस्लिम होते है ..
जो खुलेआम याकूब मेमन का समर्थन करे वो भी पाकसाफ है ..
जो मंदिरो में तोड़फोड़ करे .. गौमांस फिंकवा दे वो भी सरकार की नजर में निर्दोष हैं..

बस दोषी वो हिन्दू हैं जो इनसब घटनाओ की फोटो डाल कर अपने विचार व्यक्त करें या गुस्सा निकालें .. हमसब को चुपचाप सहना चाहिए.. मुंह बंद रखना चाहिए .. बहन बेटियों का अपमान देख बैठे रहना चाहिए. . यही देशभक्त और अच्छे नागरिक की पहचान है सरकार की नजर में ...

Tuesday, 21 July 2015

तुकतुकी मंडल को मुस्लिम गुंडों के अड्डे से आजाद करवाओ

जिस तुकतुकी मंडल का अपहरण स्थानीय मुस्लिम गुंडों ने कर लिया था .. आज महीने भर होने को आये हैं पर बंगाल की पुलिस , सरकार और केंद्र की सरकार ने भी अब तक इसके लिए कुछ नहीं किया है ...... मानना पड़ेगा कि देश में मुस्लिम आतंक अपने चरम पर है .. १४ वर्षीय इस बच्ची का अपहरण पहले भी किया जा चूका था .. 

बच्ची को लौटाने के पहले इसके मजबूर बाप को ..'बाबुसोना गाजी ' के घर पर बुला कर एक सादे कागज़ पर दस्तखत उस समय करवाया गया था जब वहाँ ५० लोग हथियारों के साथ खड़े थे .. वहाँ ये भी दवाबं डाला गया की वो पुलिस में नहीं जाएगा और बच्ची के साथ हुए रेप का मेडिकल टेस्ट नहीं करवाएगा ..

उस अड्डे पर एक बाप के पास क्या चारा था वो किसी तरह अपने बेटी को छुड़ा कर ले जाना चाहता था इसलिए सारी शर्तें मान गया ... और तब उसकी बेटी तुकतुकी को तहखाने से निकाल कर बाप के हाथ में थमा दिया गया ...

लेकिन बाद में दूसरों के समझाने पर इसके माँ बाप ने पुलिस में रिपोर्ट कर दी .. जिसके बाद फिर से इस बच्ची को सरे आम उठा लिया गया ....तीन मुस्लिम लड़के आये और जबरदस्ती चीखती चिलाती बच्ची का अपहरण कर के ले गए ...

इनसे बचने के लिए उसके माँ बाप ने १४ साल की होने पर भी उसकी शादी ठीक कर दी थी .. ताकि किसी तरह वो यहाँ से निकल सके.. लेकिन शादी होने के ठीक तीन महीने पहले इस दुसरे अपहरण के समय उसकी शादी के लिए जमा किये गए सारे पैसे गहने तक लूट लिए गए.. ...
इन मुस्लिम गुंडों का डॉन वहाँ एक सलीम नाम का आदमी है ..

इसके बाद इसके पिता ने गाँव के प्रधान से लेकर .. इलाके के थाणे तक और फिर बंगाल सरकार तक हर जगह गुहार लगाई .. लेकिन कहीं न्याय नहीं मिला... याने एक तरह से बंगाल में हिन्दुओं की नमर्दांगी का नतीजा अब हिन्दू बहन बेटियों को चुकाना पड़ रहा है ... आखिर में अब तपन घोष जी जो हिन्दू समहति संस्था चलाते हैं .. वो इस मामले को उठा रहे हैं ..

तुक्तुकी मंडल के लिए देश ही नहीं विदेशो में भी जुलुस निकल चुके हैं .. पर हैरानी की बात है की वोटों के लालच में बंगाल की सरकार ही नहीं बल्कि मोदी सरकार भी एक हिन्दू लड़की का रेप चलने दे रही है .. किसी को कोई मतलब नहीं है .. .

अब तक ये बच्ची उसी बबुसोना गाजी के घर में है .. जहां हर रोज दिन रात मुस्लिम इसकी इज्जत लूट ते हैं...

क्या कोई इस देश में है जो सुन रहा है ? ? कोई सरकार .. कोई बाबा महंत .. नेता.. पुलिस.. संस्थान .. कोई भी ?
#saveTUtukiMondol