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Thursday, 29 November 2018

साला शब्द गाली नहीं था बल्कि एक पवित्र नाम था

"साला" शब्द को हमलोग गाली के रूप में लेते हैं... लेकिन वास्तव में साला उस पवित्र शंख का एक और नाम था जो पहली बार समुद्र मंथन में निकला था....
चूंकि उससे पहले मंथन में लक्ष्मी जी के रूप में अपार सोने (गोल्ड) का आगमन हुआ था... तो उसे लक्ष्मीजी के नाम से पुकारा गया...

सबने कहा लक्ष्मी जी मंथन से निकली हैं पर वास्तव में वो गोल्ड था जो लक्ष्मी का सूचक था...

इसके बाद जब साला शंख निकला तो उसे लक्ष्मी जी का भाई कहा गया... कि देखो लक्ष्मी (गोल्ड) का भाई साला (शंख) आया है...

यहीं से ये प्रचलन में आया कि नवविवाहित बहु (मतलब घर की लक्ष्मी) जब आती है तो साथ मे आने वाले भाई को बहुत ही पवित्र नाम साला कहा गया... पुकारा गया...

असल मे ये शब्द बदनाम हुआ... क्योंकि मराठी भाषा मे साला एक गाली का शब्द है...
और दूसरे ये बदनाम हुआ साला याने पत्नी के भाइयों ने जो कारनामे किये...

खैर अच्छी बात ये है कि साला शंख का नाम है और माता लक्ष्मी का भाई है।।