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Wednesday, 24 January 2018

स्कूल बस में तोड़फोड़ को लेकर दोमुंहे हिन्दू आये सामने

विरोध के समय स्कूल बस पर हमला को लेकर अब दोमुंहे लोगों ने पैंतरा बदलते हुए हिन्दू संगठनों को गलत करार दे दिया है... स्कूल बस पर कुछ लोगों के द्वारा थोड़ी तोड़ फोड़ गलत हो सकती है.. लेकिन पद्मावत फ़िल्म का विरोध कैसे गलत हो गया ? करणी सेना सहित अन्य संगठन कैसे गलत हो गए ?
आज तक तो कलेजे में दम नहीं था कि एक फ़िल्म का विरोध कर सको... ज्यादा हुआ तो सोशल मीडिया आदि पर बकैती कर लिया करते थे.. हमेशा से ये बात दिल मे चुभती थी कि क्या हिंदुओं में दम नहीं कि सरकार को या हिन्दू विरोधियों को डरा सके ?

और जब ये पुण्य कार्य करणी सेना ने शुरू किया तो फेसबुकियों को और मीडिया के जांबाजों को अपना अस्तित्व खतरे में नजर आने लगा.. सारी महफ़िल तो ये लोग लूट रहे हैं.. कल तक तो हम चैनल पर बैठ कर हिन्दू हितों की बकैती करते थे.. ये सड़क पर आकर इतनी हिम्मत कौन दिखाने लगे ?

कुछ मूर्ख पढ़े लिखे लोग अब कहते हैं कि हम स्कूल बस हमले को लेकर करणी सेना से समर्थन वापिस लेते हैं... अबे तूने समर्थन दिया था कब ? तू गया था सड़क पर एक बार भी ? बैठ के बतोलेबाजी करते हो सिर्फ .... स्कूल बस का बहाना लेकर भंसाली का अप्रत्यक्ष समर्थन कर रहे हो ... जब भारत बंद, महाराष्ट्र बंद आदि होते हैं तो कई एम्बुलेंस में फंसे मरीज मरते हैं... जब डॉक्टर्स हड़ताल पर जाते है सैकड़ों मरीज मारे जाते हैं..तब कहां जाता है तुमलोगों का दोमुंहापन... जब इस तरह के विरोध होते हैं तो सबको भुगतना पड़ता है.. सबको कुर्बानी देनी पड़ती है...  सबके घर मे आग लगेगी...चाहे उसकी मर्जी से या बिना मर्जी से...
#करणी_सेना

Sunday, 14 January 2018

रोहित सरदाना ने मदरसों के जिहादी किताबों के नाम बताए

आज रोहित सरदाना ने tv पर उन जिहादी किताबों के नाम भी बता दिए.. जिनको पढ़ाकर मदरसों में आतंकवादी बनाया जाता है... और जिन किताबों के नाम बोलने की हिम्मत tv पर किसी प्रवक्ता में नहीं थी...

25 अगस्त 1985 में इजराइल के प्रधानमंत्री बिगिन इजिप्ट की यात्रा पर गए और वहां के प्रधानमंत्रि अनवर सादात से कहा...
"मैं आपके उपर कैसे भरोसा कर लूं... जिसके देश मे कुरान पढ़ाई जाती है.. "

और फिर मानना पड़ेगा अनवर सादात को जिन्होंने के उसके बाद शिक्षा मंत्री को बुलाया और ऐसी सारी आयतों को निकालने का हुक्म दिया जिसमें काफ़िर शब्द आता हो या जिसमे गैर मुस्लिमों से नफरत घृणा और हत्या का पाठ था...

यही नहीं मिस्र ने एक ऐसे विश्वविद्यालय को ही सरकार के अधीन कर लिया जिसमे से इस्लामिक विद्वान तैयार होते थे और कई इस्लामिक किताबें निकलती थी... पाठ्यक्रम से काफ़िर आदि शब्द निकालते हुए वो "आख़िरत" का अध्याय भी निकाल दिया गया जिसमें दोजख का डर दिखा कर मुसलमानों को आतंकी बनाया जाता है...

खैर हम तो यही कहेंगे अगर भारत देश को बचाना है तो वसीम रिजवी .. जिन्होंने मदरसों में आतंकवाद की बात उठाई है.. और रोहित सरदाना ने न्यूज़ चलाई है उसकी आड़ में बड़े कदम उठाए... सबसे बड़ी बात ऐसा करने से ही भाजपा भी हमेशा के लिए जिंदा रहेगी... और हिन्दू भी... नेतन्याहू से मिलने से कुछ नहीं होगा.. उनकी तरह बहादुर बनकर इस्लाम के खिलाफ कदम उठाना होगा।।