मोसुल देश मे जो कुछ भी हुआ उसके जिम्मेदार वे लोग खुद हैं जो इस्लामिक देशों में गए थे..
अगर मैं किसी ऊंचे पर्वत पर चढ़ने जाऊं और फिसल कर मर जाऊं तो इसका दोषी कौन होगा ? मेरा परिवार ? उस जिला का जिलाधिकारी या मुख्यमंत्री ? क्या मुझे पता नहीं था कि सड़क पर चलने में और पर्वत पर चढ़ने में अंतर होता है ?
क्या ये लोग जानते नहीं थे कि इस्लामिक देशों में हिंदुओं, ईसाइयों, बौद्धों आदि के लिए दुश्मनी का भाव होता है ? क्या उनको इस्लामिक देशों के शरीया कानून का पता नहीं ? क्या उनको ईशनिंदा जैसे कानून की जानकारी नहीं ? क्या उनको मुसलमानों के चरित्र के बारे में पता नहीं ?
तो कौन हुआ जिम्मेदार ?
मुझे कोई 1 करोड़ रुपये महीने भी दे तो इस्लामिक देशों में पैर नहीं रखूंगा.. जिन देशों में आपको पूजा पाठ करने को ना मिले.. जहां का हरेक मुसलमान आपको हलाल करने की नजर से घूरता मिले... वहां भी अगर आप कमाने जाते हो तो पैसे की जगह मौत ही मिलेगी... इसमें सुषमा स्वराज और मोदी जी कुछ नहीं करेंगे क्योंकि ये आत्महत्या है.. इसमें कोई दूसरा दोषी नहीं हो सकता..
#मोसुल #ISIS