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Saturday, 16 June 2018

मोदी सरकार का कश्मीर में फ्लॉप शो जारी

कल सारे डिबेट शो में जिस तरह से कश्मीर में हुए सीजफायर के निर्णय पर भाजपा प्रवक्ताओं की ऐसी तैसी हुई... जैसी बेइज्जती हुई... उसे देखकर मुझे भी बहुत दुख हुआ..
आज से सिर्फ दो साल पहले तक यही सुशील पंडित, यही रिटायर्ड फौजी और रक्षा विशेषज्ञ मोदीजी की तारीफ करते नहीं अघाते थे.. और सिर्फ यही क्यों.... हम सभी राष्ट्रवादियों को एक उम्मीद थी... कि कुछ तो होगा.. कोई ना कोई तो ऐसा फैसला... या ऐसी रणनीति अपनाएगी कि 1990 से चली आ रही इस समस्या का समाधान होगा।।

अगर पूर्ण समाधान नहीं भी निकला तो कम से कम मोदीजी इन कश्मीरी मुस्लिमों को सबक सिखाएंगे. .. उतनी ही पीड़ा देंगे... जितना वो हमारे देश को देते हैं...

लेकिन कुछ नहीं हुआ.. बल्कि इतनी बेशर्मी से घुटने टेक दिए गए कि हम जैसे भाजपा के समर्थकों का सर नीचे कर गया. ...
आज इसमें कोई बुराई नहीं कि भाजपाई प्रवक्ताओं का बलात्कार किया जाए... और मोदी राजनाथ आदि की आलोचना इसलिए किये जायें ताकि इन लोगों को ग्लानि हो.. सर नीचे झुक जाए. ...

चार साल को हलवा समझ के लपेट लिए बाकी एक साल जलेबी समझ के लपेटेंगे,. और चुनाव में जब परिणाम सामने आएंगे तो पता चलेगा कि सब अनपच हो गया है...

Friday, 19 August 2016

कश्मीर के मैदान में अब अजीत डोभाल

अब कश्मीर के मैदान में गब्बर की  ENTRY हो चुकी है। कश्मीर का मामला डोभाल जी को दे दिया गया है। दो सूत्री मार कुटाई की योजना केंद्र सरकार ने पारित कर दी है। अब रक्षा मंत्री , गृह मंत्री कश्मीर मामले में बैक टू पवेलियन हो गए हैं। सीमा पार के घुसपैठ से निपटने के लिए "सख्त" कदम उठाये जाएंगे। ये डोभाल जी वाला "सख्त" है।

⚔ नो टॉलरेंस की नीति..

⚔ बलूचिस्तान के लोगों से संपर्क कर मोदीजी के बयान को वास्तविक रूप देना...

⚔ सीमा सुरक्षा और घुसपैठ पर नयी नीति...

⚔ पाकिस्तानी झंडे लहराने वालों के लिए विशेष कार्यक्रम...
सेना की नयी रणनीति तैयार....

और सबसे आखिर में अमरनाथ यात्रा पर लगाए गए 75000 सैनिकों को कश्मीर में ही रुकने को कहा गया है... .. पता नहीं क्या होने वाला है... अल्लाह खैर करे...

Saturday, 13 August 2016

क्या कश्मीर में आर या पार वाली स्थिति है?



कश्मीर में अब शांति आने वाली नहीं है। वहाँ आजादी की जंग छिड़ी है। आजादी भारत से, आजादी हिंदुओं के शासन से। इसकी वजह मोदीजी भी हैं क्योंकि उनकी नीति कांग्रेस वाली नहीं है। हमें सोचना चाहिए कि भाई ये मुसालमान पाकिस्तान से कश्मीर को मिलाये जाने के पक्ष में क्यों है.... जबकि पाकिस्तान में ज्यादा गरीबी, बेरोजगारी और रोज फटते हुए बम हैं ? ? आखिर सोचिये तो सही कि ऐसा कौन सा जुल्म भारत ने इनके ऊपर किया है .... उल्टा इन्होंने ही लाखों हिंदुओं को मारा काटा रेप किया और विस्थापित किया ?

मुसलमानों का कहना है कि ये उनके मजहब की बेइज्जती है कि उनके ऊपर शासन करने वाला कोई हिन्दू हो, चाहे वो मनमोहन हो या मोदी। इस्लाम में ये डूब मरने वाली बात या पाप होता है कि मुस्लमान किसी काफ़िर के देश में रहे। आखिर पाकिस्तान को जिन्ना ने यह साफ़ कहके माँगा था कि मुसलमान हिंदुओं के साथ नहीं रह सकते। उन्होंने देश का नाम ही "पाक" याने पाकिस्तान रखा कि अब जा के हम पाक हुए याने शुद्ध मुसलमान बने। यही पाक मुसलमान बनने के लिए कश्मीर में सभी एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं।

ये सब मुमकिन था भी.... लेकिन मोदी जी के आने के बाद नामुकिन होता जा रहा है, अलगाववादी नेताओं को ये दिख गया कि इतने सालों से कश्मीर में बिछाए गए नेटवर्क और बनाये गए ताकत का इश्तेमाल नहीं किया तो ये मोदी अंदर ही अंदर सारे नेटवर्क को मिटा देगा और ताकत को इतना कम कर देगा कि एक जुलुस निकालना भी संभव नहीं हो पायेगा, क्योंकि मोदीजी कुछ काम अंदर ही अंदर करते रहते हैं बिना हल्ला किये, इसकी वजह है विपक्षी पार्टियों की अलगाववादियों से सहानुभूति और मीडिया का हाहाकार।


लेकिन इस वक़्त कश्मीर का जो माहौल है वो आर या पार वाला बन चूका है, महीने भर से ऊपर हो चुके हैं, कई थाने जला दिए गए हैं, मिलिट्री कैम्पो पर लगातार अटैक हो रहे हैं, कितने ही थाने पुलिस-विहीन हो चुकी है, सेना अपना आक्रमक रुख खत्म कर चुकी है क्योंकि ये कोर्ट और विपक्षी दलों की मांग है, नतीजा पुरे कश्मीर में अब आतंकियों का कब्ज़ा है, 15 अगस्त के दिन पाकिस्तान दिवस मनाने की जबरदस्त तैयारी चल रही है, पाकिस्तानी झंडे बनाये जा रहे हैं, झंडे लहराने वाले स्थलों का निर्माण पुरे कश्मीर के हरेक मोहल्ले में चालू है.... अब आगे मोदीजी के पास क्या विकल्प है , ये मुझे भी नहीं पता क्योंकि वो भी मीडिया और विपक्षी पार्टियों के जबर्दस्त दवाब में हैं।