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Thursday, 5 October 2017

कोई मुझे भी मोदी विरोधी बना दो भैया..

जो भी हिन्दू होकर मोदीजी के विरोधी हैं.. वो दिमाग से विकलांग हैं... मैं हमेशा सोचता हूँ कि कोई मुस्लिम या वामपंथी अपने तर्कों से मुझे प्रभावित क्यों नहीं कर पाता  ? कोई मुझे क्यों नहीं समझा पाता कि मोदीजी का शासन खराब है ?

बात इतनी सी है कि कुछ मेरे जैसे लोग सच्चाई देख कर मुकर जाए ऐसे संस्कार नहीं हैं... दिमाग से इतने पैदल भी नही हैं कि कोई अपने दिमाग का dustbin मेरे दिमाग मे उड़ेल कर चला जाये... और फिर हम भी उस कचरे का अंश हो जाएं...

आपको बताया था कि एक मुस्लिम दोस्त बराबर मुझे मोदी विरोध या हिन्दू विरोध की पोस्ट भेजता था.. इससे मुझे समस्या नही थी क्योंकि ये सब जानना भी चाहिए कि दुश्मन क्या सोचता है... लेकिन एक दिन उसको जवाब दिया तो बेचारा इस्लाम का मारा facts को बर्दाश्त नहीं कर सका और दोस्ती खत्म हो गयी.. लेकिन उसके बाद एक दिन उसने फिर से रिप्लाई करते हुए इस्लाम को महान बताया.. जैसे 56 इस्लाममिक देश हैं.. तेजी से बढ़ता मजहब है.. आदि आदि... उसके बाद जो मैंने जवाब दिया.. फिर वो तीसरी बार रिप्लाई करने की हिम्मत भी नहीं जुटा सका...

फेसबुक ट्विटर आदि पर और न्यूज़ चैनल तक भी अब हिंदूवादियों के कब्जे में हैं.. या कहिए... ये मैदान जीत चुके हैं... पर व्हाट्सएप्प पर ये लोग अपने जैसे लोग खोजकर msg भेजते हैं और उसमें कुछ नही किया जा सकता...

वैसे जरूरत भी नहीं है... क्योंकि काम दिखता है.. भ्रष्टाचारी दिखते हैं.. सिस्टम में सुधार या बिगाड़ दिखते हैं... देश की सुरक्षा दिखती है... जब हर चीज दिखता है ... और उसके बाद भी आप के दिमाग मे कोई सत्य से परे भर कर चला जाये तो... कोई बात नहीं...

उन्हीं से निपटने के लिए तो हमलोग हैं... :)

Thursday, 11 August 2016

एक सेक्युलर प्राणी की क्लास

एक sick-ular मिल गया आज... बोलने लगा वही रटा रटाया डायलाग....
"अरे भाईजी सारे मुसालमान ऐसे नहीं है, जो अनपढ़ है, सिर्फ वो गलत रास्तों पर चल रहे हैं..

मैने कहा...
"भाईजी.... सड़क पर कभी देखा है कि जो अनपढ़ है वो फुटपाथ पर नहीं बल्कि सड़क के बीच मोटरगाड़ियों के साथ चल रहे हो ? ?"

"हैं जी.... नहीं... ऐसा नहीं देखा...."

"तो ये सब चोंचले है, सिर्फ उनको बचाने का... जब वो किसी पर गोली चलाते हैं तो क्या अनपढ़ होने की वजह से उनको ये ज्ञान नहीं होता कि ये मर जायेगा ? इसका परिवार अनाथ हो जायेगा ? "

"लेकिन अनपढ़... को इससे क्या मतलब...."

"ठीक है कुरआन में लिखा है कि गैर मुस्लिम को मारो.... है ना ??"

"अह.... हाँ लिखा है ..."

"अगर लिखा है ... और वो अनपढ़ है तो उसने कुरआन पढ़ा कैसे ? ?"

"हैं जी.... ये तो... किसी दूसरे ने पढ़ के समझा दिया होगा.. मौलवी मौलाना...."

"तो आप तो खुद मान रहे हो कि मौलवी मौलाना पढ़ा लिखा है, अनपढ़ नहीं है और आतंकवादी तैयार करता है... फिर क्यों कहते हो कि अनपढ़ लोग ऐसा करते हैं ..."

"हाँ लगता तो है पर...

"पर क्या... मदरसे में पढ़ाई ही होती है ना ? किताब कॉपी, ब्लैकबोर्ड, सब होते हैं वहाँ.. पूरी टेक्नोलॉजी का इश्तेमाल कर रहे हैं, झंडे पर दीवाल पर वो क्या क्या लिखते है... तो क्या अनपढ़ लिखता है ये सब ? अनपढ़ का मतलब समझाओ मुझे... फिर ... सवसे पढ़ा लिखा ये लोग खुद मानते थे कि जाकिर नाइक है फिर वो भी आतंकवादी कैसे निकला ? "

"हैं जी.... हैं जी.... वो ... अच्छा चलता हूँ। "